अगर आप अपनी बचत को सुरक्षित जगह पर रखना चाहते हैं और बाजार के उतार-चढ़ाव से बचना चाहते हैं, तो Indian Overseas Bank FD आपके लिए एक उपयोगी विकल्प हो सकता है। फिक्स्ड डिपॉजिट यानी FD में एक तय राशि को निश्चित अवधि के लिए जमा किया जाता है और बैंक उस पर पहले से तय ब्याज देता है। इस वजह से निवेशक को रिटर्न का अनुमान पहले से रहता है और वित्तीय योजना बनाना आसान हो जाता है।

24 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध भारतीय ओवरसीज बैंक की घरेलू जमा दरों के अनुसार, 3 करोड़ रुपये से कम की रिटेल FD पर ब्याज दर अवधि के हिसाब से 3.00% से 6.60% प्रति वर्ष तक है। बैंक की सबसे आकर्षक सामान्य FD दर 444 दिनों की अवधि पर 6.60% प्रति वर्ष है। वरिष्ठ नागरिकों को सामान्य दर के ऊपर 0.50% और 80 वर्ष या उससे अधिक उम्र के सुपर सीनियर नागरिकों को 0.75% अतिरिक्त ब्याज मिलता है।

Indian Overseas Bank FD Interest Rate 2026

नीचे दी गई दरें 3 करोड़ रुपये से कम की घरेलू रिटेल टर्म डिपॉजिट के लिए हैं। ये दरें बैंक द्वारा 15 मई 2026 से लागू की गई दरों के आधार पर हैं। FD खोलने से पहले शाखा या बैंक के आधिकारिक चैनल पर वर्तमान दर की पुष्टि जरूर करें, क्योंकि बैंक समय-समय पर ब्याज दरों में बदलाव कर सकता है।

FD की अवधिसामान्य ग्राहकवरिष्ठ नागरिकसुपर सीनियर नागरिक
7 से 14 दिन3.50%4.00%4.25%
15 से 29 दिन3.50%4.00%4.25%
30 से 45 दिन3.50%4.00%4.25%
46 से 60 दिन4.00%4.50%4.75%
61 से 90 दिन3.00%3.50%3.75%
91 से 120 दिन3.50%4.00%4.25%
121 से 179 दिन2.90%3.40%3.65%
180 से 269 दिन4.50%5.00%5.25%
270 दिन से 1 वर्ष से कम5.50%6.00%6.25%
1 वर्ष6.50%7.00%7.25%
1 वर्ष से अधिक और 2 वर्ष से कम6.40%6.90%7.15%
444 दिन6.60%7.10%7.35%
2 वर्ष से कम 3 वर्ष6.40%6.90%7.15%
3 वर्ष और उससे अधिक6.10%6.60%6.85%

वरिष्ठ नागरिक और सुपर सीनियर नागरिक की दरें बैंक द्वारा दी जाने वाली अतिरिक्त ब्याज सुविधा जोड़कर बताई गई हैं। उदाहरण के लिए, 444 दिनों की FD पर सामान्य ग्राहक को 6.60%, वरिष्ठ नागरिक को 7.10% और 80 वर्ष या उससे अधिक उम्र के जमाकर्ता को 7.35% प्रति वर्ष तक ब्याज मिल सकता है।

कौन-सी FD अवधि आपके लिए बेहतर हो सकती है?

FD चुनते समय सिर्फ सबसे ज्यादा ब्याज दर देखना पर्याप्त नहीं है। आपको यह भी देखना चाहिए कि पैसे की जरूरत कब पड़ सकती है। अगर आपका पैसा कुछ महीनों के लिए ही अलग रखा जा सकता है, तो छोटी अवधि की FD उपयुक्त हो सकती है। हालांकि छोटी अवधि में ब्याज दर अपेक्षाकृत कम हो सकती है। दूसरी तरफ, 1 वर्ष, 444 दिन या 2 से 3 वर्ष की FD उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकती है जिन्हें निश्चित समय तक रकम की जरूरत नहीं है।

444 दिनों की FD उन निवेशकों के लिए आकर्षक हो सकती है जो अधिक ब्याज दर चाहते हैं, लेकिन बहुत लंबी अवधि के लिए पैसा लॉक नहीं करना चाहते। वहीं, नियमित आय चाहने वाले निवेशक मासिक या तिमाही ब्याज भुगतान विकल्प के बारे में बैंक से जानकारी ले सकते हैं। जो लोग भविष्य में बड़ी रकम बनाना चाहते हैं, वे संचयी या पुनर्निवेश FD चुन सकते हैं, जिसमें ब्याज समय-समय पर मूलधन में जुड़ता रहता है और मैच्योरिटी पर एकमुश्त राशि मिलती है।

Tax Saver FD पर कितना ब्याज मिलता है?

भारतीय ओवरसीज बैंक की Tax Saver Deposit पर ब्याज दर 6.10% प्रति वर्ष बताई गई है। इस प्रकार की FD आमतौर पर कर-बचत की योजना बनाने वाले निवेशकों के लिए उपयोगी हो सकती है। Tax Saver FD में लॉक-इन अवधि और समय से पहले निकासी से जुड़े नियम सामान्य FD से अलग हो सकते हैं। इसलिए निवेश करने से पहले आयकर लाभ, लॉक-इन अवधि और पात्रता की शर्तों को ध्यान से समझना जरूरी है।

FD पर ब्याज की गणना कैसे समझें?

मान लीजिए कोई सामान्य ग्राहक 1,00,000 रुपये की FD 444 दिनों के लिए 6.60% वार्षिक दर पर करता है। साधारण अनुमान के आधार पर एक वर्ष का ब्याज लगभग 6,600 रुपये के आसपास हो सकता है। वास्तविक मैच्योरिटी राशि बैंक द्वारा अपनाए गए ब्याज भुगतान विकल्प, कंपाउंडिंग और अवधि की सटीक गणना पर निर्भर करेगी। अगर जमाकर्ता वरिष्ठ नागरिक है, तो अतिरिक्त 0.50% ब्याज के कारण संभावित रिटर्न अधिक होगा। यही कारण है कि FD बुक करने से पहले बैंक के FD कैलकुलेटर या शाखा से प्राप्त मैच्योरिटी अमाउंट की जांच करना बेहतर रहता है।

समय से पहले FD तोड़ने पर क्या होगा?

FD को मैच्योरिटी से पहले बंद करने पर ब्याज में कमी या फोरक्लोजर शुल्क लग सकता है। भारतीय ओवरसीज बैंक की उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 15,000 रुपये तक की रिटेल टर्म डिपॉजिट पर फोरक्लोजर शुल्क नहीं है। 15,001 रुपये से 5 लाख रुपये तक की जमा पर 0.50% और 5 लाख रुपये से अधिक लेकिन 3 करोड़ रुपये से कम की जमा पर 1.00% शुल्क लागू हो सकता है। वास्तविक भुगतान बैंक की शर्तों और उस अवधि के लिए लागू दर के अनुसार होगा।

इसलिए पूरी बचत को एक ही FD में रखने के बजाय रकम को अलग-अलग अवधियों में बांटना समझदारी हो सकती है। इसे FD laddering कहा जाता है। उदाहरण के लिए, आप कुछ पैसा 1 वर्ष, कुछ 444 दिन और बाकी राशि 2 वर्ष की FD में रख सकते हैं। इससे जरूरत पड़ने पर पूरी FD तोड़ने के बजाय केवल एक जमा राशि का इस्तेमाल किया जा सकता है।

Indian Overseas Bank FD के प्रमुख फायदे

  • रिटर्न पहले से तय होता है और बाजार की अस्थिरता का सीधा असर नहीं पड़ता।
  • अलग-अलग अवधि के विकल्प उपलब्ध हैं, जिनमें छोटी अवधि से लेकर 3 वर्ष या उससे अधिक की अवधि शामिल है।
  • वरिष्ठ और सुपर सीनियर नागरिकों को अतिरिक्त ब्याज मिलता है।
  • संचयी, मासिक या तिमाही ब्याज भुगतान जैसे विकल्प जरूरत के अनुसार चुने जा सकते हैं।
  • FD का उपयोग बच्चों की पढ़ाई, शादी, आपातकालीन फंड या रिटायरमेंट योजना के लिए किया जा सकता है।

FD खोलते समय किन बातों का ध्यान रखें?

FD खोलने से पहले ब्याज भुगतान का तरीका, मैच्योरिटी निर्देश, नॉमिनी सुविधा, समय से पहले निकासी शुल्क और TDS से जुड़े नियम जरूर जांचें। FD का ब्याज आपकी कर योग्य आय में शामिल हो सकता है और बैंक निर्धारित नियमों के अनुसार TDS काट सकता है। अगर आपकी आय कर योग्य सीमा से कम है, तो लागू नियमों के तहत आवश्यक घोषणा या फॉर्म जमा करने की जरूरत पड़ सकती है।

इसके अलावा, 3 करोड़ रुपये या उससे अधिक की बड़ी जमा राशि के लिए अलग ब्याज दर और बैंक की पूर्व अनुमति लागू हो सकती है। इसलिए बड़ी रकम निवेश करने वाले ग्राहकों को सामान्य रिटेल FD दरों को अंतिम मानने के बजाय शाखा से लिखित रेट कार्ड और शर्तें प्राप्त करनी चाहिए।

निष्कर्ष

Indian Overseas Bank FD सुरक्षित और निश्चित रिटर्न चाहने वाले निवेशकों के लिए एक सरल विकल्प हो सकता है। 24 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध दरों में 444 दिनों की FD सामान्य ग्राहकों के लिए 6.60%, वरिष्ठ नागरिकों के लिए 7.10% और सुपर सीनियर नागरिकों के लिए 7.35% तक ब्याज दे सकती है। हालांकि सही FD अवधि का चुनाव आपकी नकदी जरूरत, टैक्स स्थिति और निवेश लक्ष्य पर निर्भर करेगा। निवेश करने से पहले बैंक की ताजा दर, मैच्योरिटी राशि, फोरक्लोजर नियम और कर प्रभाव अवश्य जांचें।

डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से है, निवेश सलाह नहीं। ब्याज दरें और बैंक की शर्तें बदल सकती हैं। FD बुक करने से पहले भारतीय ओवरसीज बैंक की ताजा आधिकारिक जानकारी और अपने वित्तीय सलाहकार से पुष्टि करें।